क्या एक बार फिर से हो रही है पाकिस्तान में तख्तापलट की तैयारी?
1947 में भारत से अलग होकर पाकिस्तान नाम का एक नया राष्ट्र बना। पाकिस्तान का जन्म ही धार्मिक आधार पर हुआ था मगर मुस्लिम बहुसंख्यक देश बनने के बावजूद पाकिस्तान में कभी शांति नहीं रही। पाकिस्तान की आजादी से लेकर अब तक का आधे से ज्यादा समय सैनी शासन में ही बीता। दुनिया में ऐसा माना जाता है कि पाकिस्तान की सरकार केवल एक कठपुतली है। वहां की नीतियों का वास्तविक संचालन पाकिस्तान की सेना ही करती है।
हाल ही में एक बार फिर से इस तरह के संकेत मिलने लगे हैं कि पाकिस्तान में तख्तापलट की तैयारी एक बार फिर से शुरू हो चुकी है। इसका कारण यह है कि इमरान खान विपक्ष और सेना का विश्वास खो चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान सभी बैठ के इस्लामाबाद में होती हैं मगर अब इस समय बैठ के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के साथ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी के कार्यालय रावलपिंडी में हो रही है।
मीटिंग के बाद पाकिस्तान में तख्तापलट के मिल रहे हैं संकेत
पाकिस्तान की आर्थिक हालत इस समय बिल्कुल अच्छी नहीं है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के पद पर जब से इमरान खान काबिज हुए हैं। तब से यह उम्मीद की जा रही थी कि दोनों देशों के संबंध अच्छे हुए। मगर इमरान खान के हर मोर्चे पर फेल हो जाने के बाद अब पाकिस्तान में तख्तापलट की तैयारी जैसे संकेत मिल रहे हैं। देश के सभी बिजनेसमैन ने पाकिस्तान के रावलपिंडी में आई एस आई के हेड क्वार्टर चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल कमर बाजवा से मुलाकात की।
रद्द की गई छुट्टियां
पाकिस्तानी सेना के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ जनरल कमर बाजवा ने 111 ब्रिगेड की सभी छुट्टियों को रद्द कर दिया है। यह ब्रिगेड पाकिस्तान के रावलपिंडी में तैनात रहती है। दरअसल जम्मू कश्मीर के मामले में दुनिया भर में इमरान खान के असफल हो जाने के बाद सेना भी इमरान खान से नाराज चल रही है। अब देखते हैं कि पाकिस्तान में तख्तापलट हो पाता है या नहीं!
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